Academic literature on the topic 'आर्टेन'

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Journal articles on the topic "आर्टेन"

1

राजभण्डारी Rajbhandari, नवीन्द्रमान Nabindraman. "पप आर्ट : बीसौं शताब्दीको एक महत्त्वपूर्ण कला आन्दोलन [Pop art: An Important art Movement of the Twentieth Century]". SIRJANĀ – A Journal on Arts and Art Education 5, № 1 (2018): 88–97. http://dx.doi.org/10.3126/sirjana.v5i1.39809.

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Abstract:
दोस्रो विश्वयुद्धपश्चात् परिवर्तित आर्थिक एवम् सांस्कृतिक परिवेशसंगै अन्तर्राष्ट्रिय कला जगतमा संयुक्त राज्य अमेरिकाले आफ्नो प्रभुत्व जमाउन थालेको थियो । तदुपरान्त आधुनिक कलाका गतिविधिहरूको केन्द्र अमेरिका बन्न थालेको थियो । आम सञ्चार तथा आम उत्पादनमा प्रयोग हुने आकृति तथा पद्धतिहरूलाई कलामा उपयोग गर्ने प्रवृत्तिसंगै ‘पप आर्ट’ को अभ्युदय भएको थियो । वास्तवमा विश्वयुद्धपश्चात् अकासिएको आर्थिक समुन्नति तथा त्यसबाट जनित ‘पप संस्कृति’ नै पप आर्टको उद्गम थियो । इङ्ग्ल्यान्डबाट थालनी भएको पप आर्ट अमेरिकामा मौलाएको थियो । प्रस्तुत लेखमा पप आर्टको पृष्ठभूमि, यसको प्रवृत्ति तथा यस शैलीका महत्वपूर्ण कला
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2

डॉ., मीनाक्षी राणा. "लोक कलाओं के संदर्भ में उत्तराखंड के मुखौटा नृत्य". Siddhanta's International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities 2, № 5 (2025): 51–61. https://doi.org/10.5281/zenodo.15493967.

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Abstract:
‘उत्तराखंड’ ‘देवभूमि’ के नाम से प्रसिद्ध है, जिसका अर्थ है ‘देवताओं की भूमि’। हिमालय क्षेत्र की वह भूमि जहां देवताओं ने निवास किया, ऋषि-मुनियों ने तप किया, देव नदी गंगा का इस भूमि में अवतरण हुआ, शुद्ध व शांत प्रकृति जो पग-पग में अपना सौन्दर्य बिखेरे दिखाई देती है,  अटल समाधिस्थ पर्वत जो विश्व शांति एवं विश्व कल्याण हेतु तपरत प्रतीत होते  हैं।  स्वाभाविक ही है कि उस भूमि के निवासी भी प्रकृति सदृश  सरल व शांत चित्त होंगे। यह स्वाभाविक सी बात  है कि किसी शांत, निर्जन  क्षेत्र में व्यक्ति जब अपने निकट किसी अन्य को अपनी व्यथा-कथा&nbs
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3

डॉ., अनन्ता शॉडिल्य. "समकालीन चित्रकला में किशनचन्द आर्यन जी का योगदान". International Journal of Research - Granthaalayah 7, № 11(SE) (2019): 216–21. https://doi.org/10.5281/zenodo.3592281.

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Abstract:
कला मनीषी, चित्रकार, मूर्तिकार, कला आलोचक, कला इतिहास लेखक, कवि मन के संवेदनशील छोटे से कद के आकर्षक व्यक्तित्व वाले किशनचन्द आर्यन पंजाब के वरिष्ठ कलाकार में से एक हैं कला परिवार में जन्मे आर्यन जी पर शैशवावस्था से ही कला के अंकुर विद्यमान थे। आपका जन्म सन्‌ 1919 ई0 में अमृतसर (पंजाब) में हुआ। सन्‌ 1934 में आपने अपनी स्कूली शिक्षा समाप्त की और सन्‌ 1937 में एक व्यावसायिक कलाकार के रूप में अपनी जीवन-शैली आरम्भ की। आप स्वयं निर्मित कलाकार हैं जिन्हें कला के क्षेत्र में स्थान बनाने के लिए आरम्भ से ही बहुत संघर्ष करना पड़ा सन्‌ 1941 में लाहौर में आपने अपनी कार्यशाला आरम्भ की आ
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गुरागाई Guragain, गोविन्द प्रसाद Govinda Prasad. "जिरी नगरपालिकाको पर्यटन प्रवद्र्धनमा स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व र निकायको भूमिका {Local in tourism promotion of Jiri municipality Role of Political Leadership and Institutions}". PRAGYAN A Peer Reviewed Multidisciplinary Journal 3, № 1 (2021): 10–18. http://dx.doi.org/10.3126/pprmj.v3i1.61654.

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Abstract:
वर्तमान समयमा पर्यटन प्रबद्र्धन अन्तर्राष्ट्रिय सम्बन्ध र आर्थिक विकासका लागि संसारले महसुस गरेको सर्वाधिक महत्वपूर्ण आवश्यकता हो । संसारका जुनसुकै मुलुकमा पनि पर्यटनलाई अन्तराष्ट्रिय सम्बन्धको विकास र विदेशी मुद्रा आर्जन गर्ने महत्वपूर्ण उद्योग एवम् व्यवसायका रूपमा लिन थालिएको छ । यसै वास्तविकतालाई मध्यनजर गरी नेपालमा पनि वैदेशिक मुद्रा आर्जन गर्ने एकमात्र बलियो विकल्पका रूपमा पर्यटनलाई उद्योग व्यवसायका दृष्टिले हेर्ने गरिएको छ । वास्तवमा नेपालको सन्दर्भमा पर्यटन त्यो उद्योग हो जो पर्यटकहरूको नेपाल आगमनको संङ्ख्यामा निर्भर रहन्छ । नेपालका विभिन्न पर्यटकीय गन्तब्यहरुमध्ये दोलखा जिल्लाको जिरी ग
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5

जतिंदर, कौर. "बैचलर ऑफ एजुकेशन (बी.एड) प्रोग्राम में फाइन आर्ट्स को शामिल करने से भावी शिक्षकों को लाभ". International Journal of Advance and Applied Research 12, № 2 (2024): 320–25. https://doi.org/10.5281/zenodo.14744210.

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Abstract:
<em>ललित कला को बैचलर ऑफ एजुकेशन (बी.एड) कार्यक्रम में शामिल करने से महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं, जो भावी शिक्षकों के पेशेवर और व्यक्तिगत विकास को समृद्ध करते हैं। ललित कला शिक्षा रचनात्मकता, नवाचार और प्रभावी संचार कौशल को बढ़ावा देती है, जिससे महत्वाकांक्षी शिक्षक आकर्षक और गतिशील पाठ तैयार कर पाते हैं। यह भावनात्मक बुद्धिमत्ता और सहानुभूति को बढ़ाता है, जिससे शिक्षकों को अपने छात्रों की सामाजिक और भावनात्मक जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने और उनका समर्थन करने में मदद मिलती है। विविध कला रूपों के संपर्क में आने से सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ती है, जिससे शिक्षक समावेशी कक्षाओं को बढ़ावा देने के लिए तैय
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6

Gonsalves, Kishore. "एडविनाच्या साहित्यांत विग्यान आनी तत्वग्यान". MJES Journal of Amar Konkani 3, № 2 (2024): 139–50. http://dx.doi.org/10.69852/aloy.mjesjak.3.2/16358.

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Abstract:
आपल्या निरंतर अध्ययनाच्या तानेन आनी खळमीत नातल्ल्या वाचपान, नव्या संगतिंक पटलून धर्च्या उग्तेपणांत, कोंकणेंत दूसऱ्यांनी चिंतुंक सयत नातल्ल्या विषयांचेर काणियो, कादंबरी बरयिल्लो एडवीन जे.एफ. डिसोज स्वताच्या जिणयेंतल्यान आनी भंवतणिंच्या संसाराक सूक्षीम नदरेन पळेवन कथानकांक पिंत्रांवचो कलाकार. आपणें बरयजे जाल्ल्या विषयाचेर गूंड अध्ययन कर्न साहित्य रसच्या ताणें आपल्या साहित्यांत तात्वग्यानीक सवालांक कोंकणी सामाजीक संदरभांक मिसळून, वाचप्यांनी तांच्या स्वताच्या अस्थित्वा कळवळ्यांक फूड कर्न तांकां तांचिंच स्वताचीं सोदनां करच्या प्रक्रियेंक वोवळीग दिंवचे, मनशा अनभोगांच्या सारवत्रीक संघशऱ्यांचें रुपां
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न्यौपाने Neupane, दामोदर Damodar. "योग र प्राकृतिक चिकित्सा". Samaj Anweshan समाज अन्वेषण 2, № 1 (2024): 115–25. http://dx.doi.org/10.3126/anweshan.v2i1.68588.

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Abstract:
उपनिषद्मा भनिएको छ— शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् अर्थात् पहिले शरीरको रक्षा गर्नु, त्यसपछि धर्मको साधना गर्नु । धर्म आर्जन गर्ने माध्यम शरीर हो । मानव जीवनमा शरीरको अपरीहार्यतालाई आत्मसात् गर्दै पतञ्जलि योगदर्शनका आठ अङ्गहरूको महत्त्व र तिनको दैनिक जीवनमा प्रयोगका बारेमा यस लेखमा वर्णन गरिएको छ । प्राकृतिक चिकित्साका विभिन्न आयामहरू विशेष गरेर दश आधारभूत सिद्धान्तहरूका बारे चर्चा गरिएको छ । योग दर्शनले मानव जीवनको उच्चतम उपलब्धि आत्मसाक्षात्कारको प्रयोगात्मक पक्षको बारेमा विश्लेषण गर्ने प्रयत्न गरिएको छ भने प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञानको सन्दर्भमा औषधि मुक्त उपचार पद्धतिको बारेमा चर्चा गर्ने प्रयास
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Shadilya, Ananta. "Contribution of Kishanchand Aryan Ji in contemporary painting." International Journal of Research -GRANTHAALAYAH 7, no. 11 (2020): 42–47. http://dx.doi.org/10.29121/granthaalayah.v7.i11.2019.981.

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Abstract:
English : Art Manishi, painter, sculptor, art critic, art history writer, poet Kishanchand Aryan with an attractive personality of sensitive short stature is one of the senior artist of Punjab&#x0D; Born in the Kala family, Aryan ji had his seedling of art right from infancy. You were born in 1919 AD in Amritsar (Punjab). In 1934, he finished his schooling and in 1937 started his lifestyle as a commercial artist. You are a self-made artist who had to struggle a lot from the very beginning to make a place in the field of art, he started his workshop in Lahore in 1941, inspired by Indian histori
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खतिवडा Khatiwada, नवराज Nawaraj. "बौद्ध दर्शन : विश्वशान्ति र मानवतावादको मध्यमार्गी बाटो". Namuna Academic Journal 2, № 2 (2023): 27–36. http://dx.doi.org/10.3126/naj.v2i2.59090.

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Abstract:
बुद्धले आफ्नो उपदेशमार्फत प्रेम, सद्भाव, भाइचाराको सन्देश फैलाए जसको फलस्वरूप बुद्ध धर्मावलम्बीहरू सम्पूर्ण प्राणीहरूप्रति दयावान, शान्तिप्रेमी, मानवमूल्यको सम्मान गर्ने भएका छन्, युद्ध, रक्तपात र हिंसाबाट टाढा रहन मन पराउँछन् । भगवान बुद्धले प्रचलित धार्मिक पूजाआजा, ब्राम्हण र भीक्षुहरूलाई दान दिने कुराको विरोध गरेनन् । उनले ब्राम्हाणहरूको निन्दा पनि गरेनन् तर ब्राम्हाण हुनका लागि नैतिकवान, सदाचारी तथा विवेकशील हुनुपर्ने औँल्याए । पापबाट आफूलाई मुक्त राख्न निर्दाेष पशुवध गर्ने होइन बरु सत्यलाई आत्मसातगर्नु हो भत्रे उपदेश दिए । आत्मा र ज्ञानको आर्जन गर्न गृह त्याग गर्नुपर्ने कुरासँग उनी सहमत भ
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Pragati, Garg. "र ंगा ें का स ंया ेजन ''डिजिटल आर्ट के सन्दर्भ में''". International Journal of Research - GRANTHAALAYAH Composition of Colours, December,2014 (2017): 1–12. https://doi.org/10.5281/zenodo.892084.

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Abstract:
कला क े बदलते स्वरूप का एक अत्याधुनिक रूप डिजिटल आर्ट के रूप में वर्तमान समय में अपना प्रभुत्व स्थापित किये हुये है। इसमें कम्प्यूटर द्वारा निर्मित डिजिटल कार्य कलाकार द्वारा तूलिका से नहीं वरन् वह कम्प्यूटर में निहित विभिन्न ट ूल्स जैसे- इतनेी जववसए मतंेमत जववसए बनतअम जववसए इनतद जववसए उंहपब ूंदक जववसए ीमंसपदह जववसए बवसवत इंसंदबम वचजपवदए ीनमध्ेंजतंजपवद वचजपवदए बसवदम जववसए उंहंदजपब संेेव मजबण् की सहायता से करता है। आज डिजिटल पेण्टिंग के लिये अन ेक ेवजिूंतम उपलब्ध हैं- च्वेमत च्तव.2014ए थ्सपचइववा 6ण्86ए डनकइवग 2014ए ब्वतंस च्ंपदजमतए च्वेज ूवतोीवचए ।नजवकमेा ेामजबीइववा च्तवए ठसमदकमत 2ण्86ए म्ंेल च
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