Academic literature on the topic 'पेशकार'

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Journal articles on the topic "पेशकार"

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Singh, Dr Deep Shikha. "Ancient and New Playing Style of the Punjab Gharana of Tabla: A Brief Discussion." International Journal of Multidisciplinary Research Configuration 1, no. 3 (2021): 67–79. http://dx.doi.org/10.52984/ijomrc1312.

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Abstract:
प्रस्तुत शोध पत्र के अन्तर्गत तबले के पंजाब घराने में प्रचलित वादन शैली व वर्तमान में विशेष रूप से उस्ताद अल्लारखा खां जी द्वारा किये गये विभिन्न बंदिशों जैसे-पेशकार, कायदे, क्लिष्ट तिहाईया, संगत हेतु कठिन रचनाओं द्वारा विकसित नवीन वादन शैली पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है। इसके अन्तर्गत पंजाब घराने की वादन शैली में किन-किन वंदिशों का समावेश था विशेष रूप से दीपचंदी अंग की बंदिशें, लमक्षण, कायदें, बढैया की गते, रेले, गते इत्यादि का संक्षिप्त विवेचन प्रस्तुत किया गया है व निष्कर्ष रूप में तबले की पंजाब घराने की प्राचीन व नवीन वादन शैली के संयोग से विकसित वादन शैली को दर्शाने का प्रयास किया
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2

द्विजेश, उपाध् याय, та मकुेश चन्‍द र. पन डॉ0. "तबला एवंकथक नृत्य क अन् तर्सम्‍ बन् धों का ववकार्स : एक ववश् ल षणात् मक अ्‍ ययन (तबला एवंकथक नृत्य क चननांंक ववे ष र्सन् र्भम म)". International Journal of Research - Granthaalayah 5, № 4 (2017): 339–51. https://doi.org/10.5281/zenodo.573006.

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Abstract:
तबला एवांकथक नृत्य ोनन ताल ्रधाान ैं, इस कारण इनमेंसामांजस्य ्रधततत ैनता ै। ूरवव मेंनृत्य क साथ मृो ां की स ां त ैनतत थत ककन्तुबाो म नृत्य मेंजब ्ृां ािरकता ममत्कािरकता, रांजकता आको ूैलुओांका समाव श ैुआ तन ूखावज की ांभतर, खुलत व जनरोार स ां त इन ूैलुओांस सामांजस्य नै ब।ाा ूा। सस मेंकथक नृत्य क साथ स ां कत क कलए तबला वाद्य का ्रधयन ककया या कजस मृो ां (ूखावज) का ैत ूिरष्कृत एवां कवककसत प ू माना जाता ै। तबला वाद्य की स ां त, नृत्य क ल भ सभत ूैलुओांकन सैत प ू में्रधस्तुत करन मेंस ल साकबत ैु। कथक नृत्य की स ां कत में ूररब बाज, मुख्यत लखन व बनारस ररान का मैत् वूरणव यन ोान रैा ै। कथक नृत्य की स ां कत
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शाही Shahi, शारदाकुमारी Sharada Kumari. "दलियकरणको प्रभावमा शिक्षण पेशाः एक विश्लेषण". Journal of Educational Research and Innovation 4, № 1 (2024): 197–205. https://doi.org/10.3126/jeri.v4i1.75823.

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Abstract:
शिक्षण संस्था भित्र राजनीति दलका भातृ संघ संगठनका कारण शिक्षक वा प्राध्यापकहरू आपसमा विभाजित भएको अवस्थामा शिक्षण पेशा अमर्यादित बनेको छ । शिक्षक र शिक्षण पेशालाई हेयको दृष्टिले हेर्ने अवस्था आएको छ। शिक्षण पेशामा युवाको आकर्षण छैन । यो अवस्था सृजना हुनमा शिक्षण संस्था भित्र दलिय राजनीतिको भूमिका छलफल गर्ने हेतुले यो लेख तयार गरिएको छ। यसका लागि शिक्षण पेशामा संलग्न र शिक्षण पेशालाई नजिकबाट निआलेका व्यक्तिका लेखन कार्यको अध्ययन वा पुनराबलोकन गरिएको छ । साथै लेखक विगत पन्ध्र बर्षदेखि सुर्खे त बहुमुखि क्याम्पस र दश बर्षदेखि मध्य पश्चिम विश्व विद्यालयमा आंशिक प्राध्यापकको रूपमा कार्यरत हुदा प्रत्
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Srivastawa, Yogesh Kumar, та Rajesh Kumar Tripathi. "शिक्षकों के दृष्टिकोण को प्रभावित करने वाले कारकों की पहचान: एक बहुआयामी अध्ययन". Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education 19, № 4 (2022): 810–16. https://doi.org/10.29070/sya3xr10.

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Abstract:
शिक्षकों के दृष्टिकोण को प्रभावित करने वाले कारकों की पहचान करना एक जटिल और बहुआयामी प्रक्रिया है, जो शिक्षण और सीखने के परिणामों को गहराई से प्रभावित करती है। यह अध्ययन शिक्षकों के दृष्टिकोण पर प्रभाव डालने वाले सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, पेशेवर, और संस्थागत कारकों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों से प्राप्त डेटा का उपयोग करते हुए, शोध में प्रश्नावली, साक्षात्कार, और अवलोकन जैसी विविध विधियों के माध्यम से जानकारी एकत्रित की गई। निष्कर्षों से पता चलता है कि शिक्षकों का दृष्टिकोण मुख्यतः उनके कार्य वातावरण, पेशेवर विकास के अवसर, समाज से मिलने वाली मान्यत
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Gurjar, Chatar Singh. "Carrier castes of folk songs and commercial songs." RESEARCH HUB International Multidisciplinary Research Journal 9, no. 7 (2022): 31–34. http://dx.doi.org/10.53573/rhimrj.2022.v09i07.008.

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Abstract:
There are some castes in Rajasthan who make their living by singing folk songs. These professional singers get neg in return by singing occasion-specific songs at specific host castes. Dhadhi, Dholi, Manganiyar, Langa etc. are prominent among professional singer castes. These singers mainly sing more love based songs. The beautiful combination of song and music is mesmerizing. The main feature of these songs is the poignant portrayal of love in ragas like Mand, Sorath, Maru, etc.
 Abstract in Hindi Language:
 राजस्थान में कुछ ऐसी जातियाँ हैं, जो लोकगीत गाकर अपना गुजर-बसर करती हैं। ये
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Dhiman, Utkarshi, Dr Anu Devi, Dr Manoj Dhiman, Mrs Meenakshi та Mrs Binnu Pundir. "ग्राफिक डिज़ाइन में फ्रीलांसिंगः चुनौतियाँ और अवसर". INTERNATIONAL JOURNAL OF SCIENTIFIC RESEARCH IN ENGINEERING AND MANAGEMENT 09, № 07 (2025): 1–8. https://doi.org/10.55041/ijsrem51364.

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Abstract:
आज के डिडजटल युग मेंफ्रील ांड ांग एक ऐ क ययक्षेत्र बनकर उभर है, डज नेप रांपररक नौकररय ांकी पररभ ष क बदल डदय है। यह न के वल र जग र क एक नय म ध्यम है, बल्कि युव ओां क अपनी रुडिय ांऔर रिन त्मक क्षमत ओां के अनु र क यय करनेकी स्वतांत्रत भी प्रद न करत है। डवशेषकर ग्र डिक डिज इन जै ेरिन त्मक क्षेत्र ां में, फ्रील ांड ांग नेछ त्र ां, नव डदत डिज इनर ांऔर पेशेवर ांक डबन डक ी स्थ डनक ीम के वैडिक स्तर पर क ययकरनेक अव र डदय है। पहलेजह ाँडिज इडनांग क के वल एक ह यक भूडमक म न ज त थ , वही ांअब यह एक पूर्यक डलक, आय- ृजन करनेव ल और स्वतांत्र कररयर डवकल्प बन िुक है। डिडजटल म ध्यम ांकी पहाँि और ऑनल इन क यय ांस्कृ
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अखमेदोवा, कमोला. "हिन्दी के निपुण विशेषज्ञ:बयात रखमतोव". Oriental Renaissance: Innovative, educational, natural and social sciences 4, № 22 (2024): 77–79. https://doi.org/10.5281/zenodo.13765621.

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Abstract:
मालूम है कि उज्बेकिस्तान और भारत के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध काफी पुराने हैं। अब भी विभिन्न क्षेत्रों में मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित हो रहे हैं। ऐसे संबंधों में दोनों देशों की भाषाएं सीखना जरूरी है। उज्बेकिस्तान में 1947 से हिंदी पढ़ाई जाती है। आजकल उज्बेकिस्तान में हिन्दी भाषा के शिक्षक बहुत हैं। इनमें बयात रखमतोव का नाम प्रमुख है। रहमताव बायोत, जिनका जन्म 4 मई 1949 को हुआ। कई वर्षों तक ताशकंद राज्य प्राच्या विद्या विश्वविद्यालय (टी.एस.यू.ओ.एस.), दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई भाषाओं विभाग में हिंदी भाषा के वरिष्ठ शिक्षक रहे । उन्होंने अपने जीवन में हिंदी और उर्दू भाषा के अध्ययन और शिक्षण में महत्व
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डॉ.माने, ए. एस. "इ.स. 1761 चा पानिपत रणसंग्राम व मल्हारराव होळकर". International Journal of Advance and Applied Research 3, № 5 (2022): 170–71. https://doi.org/10.5281/zenodo.7398957.

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Abstract:
     पेशवा बाजीराव प्रथम यांच्या विस्तारवादी धोरणास पाठिंबा देणारा नवा वर्ग त्यांच्या काळात उद्यास आला होता. त्यामध्ये होळकर, शिंदे, गायकवाड, पवार इत्यादी सरदार घराणी ही उदयास आली. या सादर घरण्याचा  यश-अपयशावर मराठीशाहीचे यध-अपयश मोजले जाऊ लागले होते. याच होळकर घराण्याची पानिपत युद्धातील भूमिका हा विषय सदर संशोधन निबंधासाठी निवडण्यात आला आहे.
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राजबीर, सिंह डॉ. जितेन्द्र शर्मा. "मराठा साम्राज्य के मजबूत स्तम्म महादजी सिंधिया (1727- 1794 ई.)". International Educational Applied Research Journal 09, № 04 (2025): 32–39. https://doi.org/10.5281/zenodo.15289535.

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Abstract:
इस प्रकार महादजी सिंथिया का जीवनकाल उत्साहपूर्ण कार्यशीलता का लन्चा समय हैं। महादजी महान् राजनीतिज्ञ दुरदर्शिता से सम्पन्न चतुराई एवं रणनीति में कुशल थे। पेशवा परिवार को प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने में महादजी कभी पीछे नहीं हटते थे। रानोजी सिंथिया को पांच पुत्रों में वे सबसे योग्य पुत्र साबित हुये। उन्होंने पानीपत के युद्ध में खोई हुई मराठा प्रतिष्ठा को पुनः प्राप्त किया। निर्वासित मुगल बादशाह को दिल्ली की गद्दी पर बैठाया। इसके अलावा उन्होंने अपने सीमित साधनों का सफलतापूर्वक प्रयोग करके एक छोटी किन्तु प्रशिक्षित सेना तैयार की जिसके वन पर उसने उत्तर भारत को उन क्षेत्रों को जीता जो उन्होंने पा
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आचार्य मनीष जी, आचार्य मनीष जी, डॉ अभिषेक डॉ. अभिषेक ., डॉ जयंत बत्रा डॉ. जयंत बत्रा та डॉ गितिका चौधरी डॉ. गितिका चौधरी. "यकृतोत्पत्ति की अवधारणा की व्यवस्थित समीक्षा". International Journal of Physical Education & Sports Sciences 18, № 1 (2024): 7–11. http://dx.doi.org/10.29070/hjc9we22.

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Abstract:
आयुर्वेद शारीर अवयव उत्पत्ती और रचनासे निगडित विभाग है.आधुनिक शास्त्र मे भ्रूण विज्ञान के रूप में भी जाना जाता है, अध्ययन का एकमात्र क्षेत्र है जो यकृत की समस्याओं के अध्ययन और निदान और उनके इलाज के सर्वोत्तम तरीके के पेशेवर निर्धारण के लिए समर्पित है। इसका लक्ष्य बीमारी में योगदान देने वाले मूलभूत तंत्र पर प्रकाश डालकर बीमारी की बेहतर रोकथाम और इलाज करना है। इसलिये यकृत निर्मिती का ज्ञान बहोत महत्व राखता हेपेटोजेनेसिस एक ऐसा क्षेत्र है जो नवीन प्रयोगात्मक, ऊतक और इमेजिंग दृष्टिकोण के उपयोग के माध्यम से यकृत स्वास्थ्य और बीमारी के कारणों की जांच करता है। यह अध्ययन उत्पत्ती के ज्ञान के साथ जिसम
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Books on the topic "पेशकार"

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Carlson, Richard. Español-Hindi Profesiones/पेशा Diccionario bilingüe de imágenes para niños. Independently Published, 2019.

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